Friday, June 5, 2015

कहां गए वो लोग

कहां गए वो लोग
इंसान इंसान पर मरता था
गौरव का इतिहास उसमें बसता था
जिंदगी बंदगी के लिए रोती थी
राहें बताएं कहां गए वो लोग।
ज्ञान-ध्यान-विज्ञान को जो रचते थे
शून्य का भान कराने वाले भी यहां बसते थे
वेदव्यास-वाल्मीकि जैसे भावी कह गए
काल के कपाल में सब समाए गए
राहें बताएं कहां गए वो लोग।
गंगा को लाने वाले भगीरथ से तपस्वी थे
धन्वंतरी जैसे आयुर्वेद षिरोमणि भी यहां थे
हकीकत राय-तेग बहादुर जैसे बलिदानी गए कहां
आजाद जैसे गोली खाने वाले अमर हुए यहां
राहें बताएं कहां गए वो लोग।
महाराणा प्रताप और षिवाजी जैसे शूरवीर
भगत सिंह जैसे बलिदानी कर्मवीर
मंगल पाण्डेय सरीखे धर्मवीर
पृथ्वीराज चैहान जैसे रणवीर
राहें बताएं कहां गए वो लोग।
महाराणा रणजीत जैसे योद्धा
तात्यां टोपे जैसे धीर-गंभीर
झांसी की रानी जैसी मर्दानी
नेताजी जैसे हिंद के सेनानी
राहें बताएं कहां गए वो लोग
गांधी थे सत्य-षांति-अहिंसा के पुजारी
धर्म-कर्म की लौ जगाने वाले मीरा-तुलसीदास
सूरदास जैसे बिन आंखों देखी लीला कह गए
सत्य के लिए मर-मिटे हरीष्चंद्र
राहें बताएं कहां गए वो लोग
राम-रहीम की ये पावन धरती
आज रोती-बिलखती-चिल्लाती है
कदाचार के कहर से जगाती है
बताआंे कन्या कोख में क्यू मरती है
राहें बताएं कहां गए वो लोग।

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